सेहत के लिए बड़ा फायदेमंद है काला जीरा, जाने कैसे

काली जीरी या काला जीरा ऐसा मसाला है जो हल्की-सी कड़वाहट लिए होता है। गर्म तासीर होने के कारण सर्दियों में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यह हर्बल औषधि के रूप मे कई बीमारियों के उपचार में काम आता है। एक स्वस्थ व्यक्ति पूरे दिन में 1-3 ग्राम काला जीरा का सेवन कर सकता है।

काला जीरा के चूर्ण को आप चाहें तो पानी, दूध,सूप और शहद के साथ ले सकते हैं। देसी दवा की तरह 10 ग्राम काले जीरे को 50 ग्राम मेथी दाना और 20 ग्राम अजवायन के धीमी आंच पर भून कर चूर्ण बना कर एयर टाइट बोतल में रख लिया जाता है और बीमारी के हिसाब से गर्म पानी के साथ इस चूर्ण का 1/2-1 चम्मच रात को सोने से पहले खाया जाता है।

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित
नियमित रूप से काला जीरा पाउडर लेने से शरीर में रक्त-संचार तेज होता है। कोलेस्ट्रॉल कम होता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हृदय रोग का खतरा कम होता है।

डायबिटीज में फायदेमंद
इसमें मौजूद पोटेशियम और ग्लाइसेमिक सूचकांक डायबिटीज के रोगियों के ब्लड में इंसुलिन के स्तर को सामान्य बनाए रखता है।

वजन में कमी
शरीर में स्टोर अनावश्यक फैट घटाने में काला जीरा का 3 महीने का नियमित सेवन काफी फायदेमंद है। काला जीरा फैट को गला कर अपशिष्ट पदार्थों (मल-मूत्र) के माध्यम से शरीर से बाहर निकालने में सहायक है।

विकारों को करे दूर
शरीर में मौजूद इम्यून सेल्स को स्वस्थ सेल्स में बदल कर ऑटोइम्यून विकारों को दूर करने में सहायक है। काला जीरा हमारे शरीर में इम्यूनिटी बढ़ाने में बोन मैरो, नेचुरल इंटरफेरॉन और रोग-प्रतिरोधक सेल्स की मदद करता है। थकान, कमजोरी दूर करता है, शरीर में उर्जा का संचार करता है।

कैंसर की रोकथाम
बीटा-सीटोस्टीरोल यौगिक में समृद्ध काला जीरा आंखों, मुंह, पेट और लिवर के कैंसर, ल्यूकेमिया और ब्रेन ट्यूमर के इलाज में सहायक है।

महिलाओं के लिए वरदान
प्रसव के बाद महिलाओं में होने वाले संक्रमण से बचाव में मददगार है। यह उनके इंटरनल सिस्टम को मजबूत बनाता है।इसके लिए एक कप पानी में काला जीरा डाल कर काढ़ा बना लेें। 8-10 दिन तक महिला को

सुबह खाली पेट 15 मिलीलीटर काढ़ा महिला को पेट पीने को दें। इससे स्तनपान कराने वाली महिलाओं को काफी फायदा होता है।

पेट की समस्याओं का समाधान
अपने एंटीमाइक्रोबियल गुणों के कारण काला जीरा पेट संबंधी कई समस्याओं में लाभकारी है जैसे-पाचन संबंधी गड़बड़ी, गैस्ट्रिक, पेट फूलना, पेट-दर्द, दस्त, पेचिश या पेट में कीड़े होना।

सर्दी-जुकाम में फायदेमंद
जुकाम होने पर कफ होने, नाक बंद होने या संास नली में तकलीफ होने जैसी सर्दी-जुकाम की तकलीफ में काले जीरे का सेवन फायदा पहुंचाता है। थोड़ा सा भुना जीरा रुमाल में बांध कर सूंघने से आराम मिलता है।

सिरदर्द या दांत दर्द में आराम
काले जीरे का तेल सिर पर लगाने से माइग्रेन के दर्द में फायदा होता है। गर्म पानी में काला जीरा तेल की कुछ बूंदें डाल कर गर्म करके कुल्ला करने से दांत दर्द में राहत मिलती है।

एंटीसेप्टिक का काम
काला जीरा पाउडर का लेप लगााने से घाव, फोड़े-फुंसियां भरने में आसानी होती है। सिरोसिस, एक्ने, एग्जिमा, सफेद दाग और जलन जैसी समस्याओं में काले जीरे का सेवन और उसका तेल लगाने से आराम मिलता है।

सावधानी
तासीर में गर्म होने के कारण काले जीरा का रोजाना 1-3 ग्राम से ज्यादा सेवन नुकसानदायक होता है। खासतौर पर उन लोगों को जिन्हें ज्यादा गर्मी लगती है या हाई ब्लड प्रेशर हो, गर्भवती महिलाओं और 5 साल तक के बच्चे । इन्हें 1/2 - 1 ग्राम से ज्यादा काला जीरे नहीं लेना चाहिए। गर्भपात का डर रहता है। इनके लिए बेहतर है कि वे डॉक्टरी सलाह से ही काला जीरा लें।

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