अगर आपको है डायबिटीज तो अपनाएं ऐसा डाइट प्लान

मधुमेह एक आम बीमारी बन चुकी है। इस रोग के दौरान यदि खानपान का खयाल न रखा जाए तो ब्लड शुगर लेवल बढऩे से आंखों, गुर्दों, स्नायुतंत्र, दिमाग, हृदय आदि अंग प्रभावित हो जाते हैं। अधिकतर मामलों में अनियमित खानपान से ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि किस प्रकार के डाइट प्लान को फॉलो कर शुगर के स्तर को नियंत्रित रखा जा सकता है।

डाइट प्लान का विशेष ध्यान
उठते ही खाली पेट दो चम्मच दानामेथी (पाउडर या अंकुरित) नियमित रूप से लेने से ब्लडशुगर का स्तर नियंत्रित रहता है।
सुबह: एक कप बिना चीनी की चाय के साथ हाई फाइबर व आटे से बने बिस्किट लें।
नाश्ता: एक कप दूध, एक कटोरी अंकुरित दाल, वेजिटेबल दलिया या वेजिटेबल ओट्स और सब्जियों से भरपूर स्टफ रोटी।
नाश्ता व लंच के बीच: ७०-८० ग्राम मौसमी या अन्य फल।
लंच: मौसमी सब्जियों का सलाद, दो-तीन मिक्स अनाज की रोटी, एक कटोरी सब्जी और एक कटोरी दही या रायता।
शाम: सिर्फ चाय या ग्रीन टी के साथ मुट्ठीभर रोस्टेड चना ले सकते हैं।
डिनर: सलाद, एक या दो रोटी, एक छोटी प्लेट ब्राउन राइस, एक कटोरी दाल के साथ पुदीना या हरे धनिए की चटनी ली जा सकती है।

लेते रहें जरूरी फल
कुछ लोगों का मानना है कि उन्हें फल नहीं खाने चाहिए क्योंकि उनमें शुगर की मात्रा अधिक होती है। यह गलत धारणा है क्योंकि फलों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली प्राकृतिक शुगर पाई जाती है जो रोगों से दूर रखने का काम करती है। रोजाना ७०-८० ग्राम मात्रा में ऐसे फल खाएं जिनमें फाइबर अधिक व कैलोरी कम हो। फलों में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करने में मददगार हैं। संतरा, जामुन, पपीता, अमरूद, नाशपाती, तरबूज, खरबूजा या सेब ८०-१०० ग्राम की मात्रा में ले सकते हैं। ऐसे फल जो ज्यादा मीठे होते हैं जैसे केला, सीताफल, आम, अनार और अंगूर ५० ग्राम की मात्रा में ही लें।

सब्जियां खाएं भरपूर
हाई फाइबर से भरपूर हरी पत्तेदार व मौसमी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग, ब्रोकली, गाजर, टमाटर आदि को भोजन में शामिल करें। सिम्पल कार्ब जैसे आलू, रतालू व अरबी जैसी कम फाइबर वाली चीजों को कम मात्रा में या अन्य सब्जियों या हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ मिलाकर खाएं। मिक्स वेज बनाकर भी भोजन में शामिल कर सकते हैं।

पौष्टिकता का रखें खयाल
कार्बोहाइड्रेट, फैट व प्रोटीन से युक्तसंतुलित आहार लें। अधिक समय तक खाली पेट रहने से ब्लड शुगर लेवल कम हो जाता है जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं। इस स्थिति में रोस्टेड चना या आटे के बिस्किट अपने साथ हमेशा रखें। इसके अलावा यदि घर से बाहर भी जाना पड़े तो अपने साथ चीनी, चॉकलेट की बजाय गुड़ या किशमिश रखें। इनमें आयरन व फॉलिक जैसे तत्त्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शुगर के स्तर को सामान्य रखने के साथ शरीर में ऊर्जा बढ़ाने का काम करते हैं।

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