स्मार्टफोन की स्टोरेज कम होने का बड़ा कारण हैं गुड़ मॉर्निंग मैसेज: रिपोर्ट

Publish Date:Wed, 24 Jan 2018 04:17 PM (IST)

नई दिल्ली(टेक डेस्क)। भारतीयों ने जब इंटरनेट चलना सीखा तो सबसे पहले लोगों ने एक-दूसरे को गुड मॉर्निंग मैसेज भेजने की शुरआत की। लेकिन आपने कभी यह नहीं सोचा होगा की यही गुड़ मॉर्निंग के मैसेज हमारे स्मार्टफोन्स की बैटरी खा जाते हैं। इसी के साथ इन्ही मैसेज की वजह से हमारे स्मार्टफोन की बैटरी कभी-कभी इतनी कम हो जाती है की नए मैसेज आने के लिए जगह ही नहीं बचती।

आपको बता दें, इस विषय पर आज बात इसलिए चल रही है क्योंकि हाल ही में आई एक मिडिया रिपोर्ट के अनुसार गूगल ने इस समस्या की खोज की है। गूगल को अपनी रिसर्च में पता चला है की भारत में कई लोग पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल करना सीख रहे हैं। अपने शुरूआती संदेशों में वह सबसे ज्यादा गुड़ मॉर्निंग जैसे मैसेज भेजते हैं। इन मैसेज के साथ सूरजमुखी के फूल, सूर्योदय, मासूम बच्चे, पक्षियों और सूर्यास्त की तस्वीरें भी शेयर की जाती हैं।

गुड मॉर्निंग सर्च में हुई 10 गुना बढ़ोतरी: रिपोर्ट की मानें तो पिछले पांच सालों में गूगल पर गुड़ मॉर्निंग से जुडी तस्वीरें सर्च करने के मामले में 10 गुना की बढ़ोतरी हुई है। इस समस्या से ही निजात पाने के लिए गूगल और फेसबुक स्टेटस फीचर लेकर आए। इससे लोग एक ही बार में सबको अपने स्टेटस के जरिए गुड मॉर्निंग बोल सकते हैं। स्टेटस 24 घंटे में अपने आप रिमूव हो जाता है।

हर तीन में से एक स्मार्टफोन प्रभावित: गूगल ने खोज तब शुरू की जब भारत में तीन स्मार्टफोन्स में से एक स्मार्टफोन के आउट ऑफ स्पेस यानि की स्टोरेज फुल होने की समस्या सामने आई। गूगल के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाने के लिए पड़ताल की तो सामने आया की ऐसा गुड मॉर्निंग मैसेज की अधिकता के कारण हो रहा था। भारतीय यूजर्स की इसी समस्या को खत्म करने के लिए गूगल नई एप फाइल्स गो लेकर आया था।

Files Go ऐप के फीचर्स: दो टैब्स के अलावा इसमें फाइल ट्रांसफर फीचर दिया गया है। यह फाइल्स को वायरलेस तरीके से सेंड और रिसीव करने में मदद करता है। इसके लिए एक्टिव डाटा कनेक्शन के बजाए फोन के ब्लूटूथ की मदद ली जाती है। Superbeam और Pushbullet जैसी फाइल शेयरिंग ऐप की ही तरह इसमें भी यूजर्स बड़ी फाइल्स को तेजी से सेंड और रिसीव कर सकते हैं।
 

By Sakshi Pandya

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