लोकनृत्यों से शरीर रहता है लचीला, जानें कैसे

एरोबिक्स में म्यूजिक के साथ वर्कआउट किया जाता है जिससे बॉडी फिट और शेप में रहती है। हमारे पारंपरिक लोक नृत्यों में भी वे सारे मूवमेंट्स हैं जो बॉडी को लचीला रख सकते हैं। 15 से 30 मिनट जमकर करेंगे तो पसीना भी आएगा। इससे ठीक-ठाक कैलोरी बर्न होगी और त्वचा के रोमछिद्र खुलेंगे।

घूमर : गु्रप में गोला बनाकर एक-दूसरे के साथ तालमेल बैठाना होता है। कलाई को गोलाई में घुमाकर मुट्ठी बंद करके डांस से हाथों का मूवमेंट होता है। सबको गोले के भीतर रहकर ही बार-बार घूमकर बैठना व उठना पड़ता है।

फायदा : हाथ-पांव, कमर और गर्दन की एक्सरसाइज होती है।


कालबेलिया नृत्य फास्ट डांस है जिसे अकेले या ग्रुप में भी कर सकते हैं। इसमें गति और संतुलन खास होता है। कमर के बल पीछे झुकना, तेज स्टेप्स और दोनों हाथों को खोलकर घूमना होता है।

फायदा : बॉडी का हर हिस्सा स्ट्रेच होता है। लचीलापन, स्टेमिना बढ़ता व मसल्स मजबूत होती हैं।

भवाई व चरी नृत्य

स्लो डांस है जिसमें शरीर के संतुलन के साथ सिर पर पांच से अधिक चरियों को बैलेंस करना होता है।
फायदा : सिर से पांव तक बॉडी बैलेंस परफेक्ट होता है। आंखों के साथ कमर व गर्दन की मांसपेशियों की एक्सरसाइज भी होती है।

तेरह ताली नृत्य

इसमें पीतल के बने गोल चक्र शरीर पर बांधे जाते हैं और हाथों पर बंधे चक्रों से उन्हें बजाया जाता है। इसमें कंधे, कोहनी, कलाई, गर्दन व कमर का मूवमेंट होता है।


फायदा : कमर, गर्दन, कूल्हे के जोड़ों में लचीलापन व हाथ-पैरों में मजबूती आती है।

ये ना करें

कमर दर्द, हार्ट प्रॉब्लम, आर्थराइटिस, कूल्हे व जोड़ों के दर्द, अस्थमा व बीपी के मरीज को इस तरह के डांस को एक्सरसाइज के रूप में करने से बचना चाहिए। गर्भवती हैं या उम्र अधिक है तो बिना डॉक्टरी सलाह के ना करें।

खानपान हो सही

डांस के लिए शरीर में एनर्जी लेवल भरपूर होना चाहिए। मांसपेशियों की मजबूती के लिए प्रोटीन-विटामिन-मिनरल युक्त चीजें खानी चाहिए। डांस से पहले फल या हल्का कुछ, डांस के दौरान नींबू पानी, जूस या ग्लूकोज और डांस के तुरंत बाद कुछ न कुछ जरूर लें। इससे डांस के दौरान खर्च हुई एनर्जी की शरीर में भरपाई होती है।

यदि डांस वर्कआउट को नियमित रूप से कर रहे हैं तो डाइट में फल, अंकुरित चीजें, प्रोटीन-विटामिन, जूस और दूध को शामिल करें। ऑयली व जंक फूड से बचें क्योंकि ये जोड़ों में फैट बढ़ाता है। इससे अंग लचीले नहीं हो पाते और दर्द करते हैं।

वर्कआउट के दौरान मांसपेशियों के ढीले होने से उनमें दर्द होने लग जाता और डांस की वजह से इनका खिंचाव होता है जिससे दर्द कम होता है। दूसरा पानी के रूप में पसीना बाहर आता है जिससे त्वचा के रोमछिद्र खुलते हैं।

इससे शरीर में ऑक्सीजन और रक्त का सही प्रवाह होता है। घर में रहकर अगर आप एक घंटा रेगुलर वर्कआउट या योगा करती हैं तो आपको बाहर कहीं प्रशिक्षण पर पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।

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