शिलाजीत का सेवन कैसे करे

हाल के एक अध्ययन से संकेत मिला है कि शिलाजीत का सेवन कैसे करे 




प्रसवोत्तर उच्च रक्तचाप से प्रभावित महिलाओं को कुछ समय के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए। हालांकि हृदयाघात (हार्ट फेल्योर) के कारण होने वाली क्षति को रोका नहीं जा सकता,शिलाजीत के फायदे हिंदी में बताये  फिर भी कुछ दवाओं और उपचार की मदद से स्थिति में आराम मिल सकता है। गंभीर मामलों में हृदय प्रत्यारोपण की आवश्यकता हो सकती है। ऐसी महिलाएं दोबारा शिलाजीत का सेवन कब और कैसे करे जब गर्भ धारण करना चाहें तो जीवनशैली में कुछ बदलाव करके रक्तचाप को नियंत्रण में रख सकती हैं।




रक्तचाप नियंत्रित करने के कुछ सुझाव :
- गर्भवती होने से पहले  शिलाजीत के फायदे हिंदी रक्तचाप के स्तर को जानें।
- नमक या सोडियम का अधिक सेवन रक्तचाप को बढ़ा सकता है। इसलिए, नमक कम खाएं।
- गर्भ धारण करने से पहले खूब चलें-फिरें और सक्रिय रहें। एक ही जगह पर बैठे रहने वाली महिलाओं में गर्भावस्था के दौरानशिलाजीत स्मरण शक्ति को बढ़ाने में भी सहायता  वजन बढऩे की संभावना रहती है, साथ ही बाद में उच्च रक्तचाप का खतरा शिलाजीत के फायदे हिंदी में बताये  बढ़ सकता है।
- ऐसी कोई दवा न लें, जो रक्तचाप को बढ़ाती हो।
- यदि आपको पहले से ही उच्च रक्तचाप की शिकायत है, तो अपने डॉक्टर से उन सावधानियों के बारे में बात करें, जिनका पालन करने की आवश्यकता है।
- नियमित रूप से प्रसवपूर्व चेकअप कराती रहें।
- गर्भावस्था के दौरान तम्बाकू और शराब का सेवन उचित नहीं है और इससे बचा जाना चाहिए।

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