तेजी से फैल रहा मलेरिया, कैसे पहचाने इसके लक्षण, जानें कारण और घरेलू उपचार

देशभर में मलेरिया का प्रकोप जारी है। बारिश के बाद तेज धूप। नाली-नालों में भरा पानी, कचरा...तेज धूप की वजह सडऩ। मच्छरों का पनपना। ये मच्छर ही हैं मलेरिया की असली वजह। मच्छरों से खुद बचाएं। घरों के जाली दरवाजे बंद रखें। मच्छर मारने वाली दवाइयों का छिड़काव करें। घर के आस-पास सफाई रखें, ताकि मच्छर न पनप पाएं। खान-पान का ध्यान रखें। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। जागरूकता ही मलेरिया का एकमात्र उपाय है। इन सबके बावजूद यदि मलेरिया के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।

उत्तर प्रदेश में मलेरिया का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने में आ रहा है। अस्पतालों में लगातार मलेरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। राजधानी लखनऊ के साथ ही बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, खीरी, बहराइच और सीतापुर में तेजी से फैल रहे मलेरिया एवं बुखार को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कड़े दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष वार्ड बनाए गए हैं और मरीजों की पहचान के लिए सघन अभियान का दायरा बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बीते 24 घंटों में इन जिलों में बुखार के 11,682 मरीज सामने आए हैं। इनमें रैपिड डायग्रोस्टिक किट से जांच में मलेरिया के 1591 मरीज मिले हैं।

सिंह ने बताया, "प्रदेश के कुछ जिलों में 10 अगस्त से जारी बुखार के प्रकोप पर प्रभावी रोकथाम और नियंत्रण के लिए प्रयास हो रहे हैं। लार्वा रोधी रसायन का छिड़काव, मरीज के घर के अंदर और बाहर मलेरिया निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। संवेदनशील और अति प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं।"

उन्होंने बताया कि इसमें पंचायती राज, ग्राम्य विकास, शहरी विकास विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है। स्वच्छता और जलभराव की स्थिति में सुधार करके मच्छरों पर प्रभावी नियंत्रण की कोशिश हो रही है। इससे स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से मौसमी बुखार, मलेरिया के रोगियों की संख्या में कमी आ रही है।

मलेरिया के लक्षण... malaria symptoms in Hindi
- ठण्ड लगने के साथ बुखार आना
- हर दो-तीन दिन में बुखार आना
- तीव्र सरदर्द के साथ बुखार
- गंभीर मामलों में मूर्छा
- हांथ-पांव में ऐंठन, बदन दर्द
- शरीर का धीरे-धीरे ठंडा पडऩा
- उलटी होने या जी मचलने की शिकायत
- आंखें लाल होना या आंखों में जलन महूसस होना
- तेज सरदर्द , जो कि धीरे-धीरे बढ़ता है।

मलेरिया से बचाव Prevention of Malaria in Hindi
-मच्छरों को पनपने से रोकें।
-जितना संभव हो उतना ही घर के अंदर रहे, विशेष रूप से रात के समय जब मच्छर अधिक सक्रिय होते हैं।
- मच्छरदानी का उपयोग करें।
- कीट रिपेलेंट परमेथ्रिन के साथ मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- ऐसे कपडे पहनें जो आपके शरीर के अधिकांश भाग को ढक सके।
- डीट या पिकारिदिन युक्त कीट से बचने वाली क्रीम का प्रयोग करें। ये त्वचा पर सीधे लगाईं जाती है (मुंह और आंखों को छोड़कर)।
- वर्तमान में मलेरिया से सुरक्षा प्रदान कराने वाली कोई भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए आपको रोग होने की संभावना को कम करने के लिए मलेरिया विरोधी दवा लेनी चाहिए।


मलेरिया से बचने के घरेलू उपाय home remedies of Malaria in Hindi

अदरक Malaria ka upay hai ginger in hindi

मलेरिया के लिए एक आम और लोकप्रिय उपचार अदरक का उपयोग है। अदरक का काढ़ा मलेरिया के उपचार में लाभदायक होता है। अदरक में मौजूद जिंजरोल और हाइड्रोकार्बन शरीर में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गतिविधियों को बढ़ाते हैं। इसलिए यह सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपचार माना जाता है।

दालचीनी Malaria se bache cinnamon se in hindi
दालचीनी मलेरिया से छुटकारा पाने का एक सर्वोत्तम उपाय है। दालचीनी का उपयोग मलेरिया के लक्षणों जैसे बुखार, सिरदर्द और दस्त को सुधारने में मदद करता है। दालचीनी में एक शक्तिशाली जैविक घटक सिनामाल्डिहाइड पाया जाता है जिसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हैं और जो मलेरिया के तेज और दर्दनाक लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

खट्टे फल Malaria se bachne ka upay citrus fruits in hindi
सामान्य तौर पर खट्टे फल मलेरिया के उपचार में मदद करते हैं। लाइम और नींबू हर जगह पर आसानी से मिल जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन और खनिज मलेरिया के बुखार को खत्म करने, संक्रमण को रोकने और उपचार प्रक्रिया को गति प्रदान करने में मदद करते हैं। इसके लिए नींबू की कुछ बूंदों या एक नींबू के रस को एक गिलास पानी में अच्छी तरह मिलाकर पिएं या खट्टे फलों का सेवन करें।

संतरे का रस Malaria se bachne ka tarika hai orange juice in hindi
संतरे में विटामिन सी पाया जाता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बूस्ट करने और मलेरिया के उपचार में मदद करता है। संतरे का रस शरीर को हाइड्रेट रखने और संक्रमण के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करता है। संतरे में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट भी मलेरिया के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं।

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