इस बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंकने में कई देश अभी भी गंभीर नहीं

WHO ने वैश्विक तपेदिक (TB) पर अपनी नवीनतम रिपोर्ट में संकेत दिया है कि कई देश 2030 तक टीबी के उन्मूलन के लिए अभी भी पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं। पिछले वर्ष टीबी से होने वाली मौतों की संख्या में कमी आने के बावजूद, इसका उन्मूलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। वैश्विक निकाय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व आंदोलन की वकालत करते हुए लगभग 50 राष्ट्राध्यक्षों से निर्णायक कार्रवाई का आग्रह किया है। पहचान, निदान और उपचार दरों में तत्काल सुधार करने के लिए, डब्ल्यूएचओ और भागीदारों ने 2022 तक टीबी वाले 4 करोड़ लोगों को गुणवत्ता वाली देखभाल प्रदान करने के लक्ष्य को निर्धारित करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। यह अनुमान लगाया गया है कि कम से कम 3 करोड़ लोगों को इस अवधि के दौरान टीबी निवारक उपचार तक पहुंचने में सक्षम होना चाहिए।

टीबी एक रोकथाम योग्य और इलाज योग्य बीमारी है। हालांकि, टीबी की देखभाल में प्रगति के बावजूद, भारत में टीबी एवं एमडीआर टीबी रोगियों का सबसे ज्यादा बोझ है और यह वैश्विक टीबी बोझ का लगभग एक चैथाई है। अनुमानित रूप से 1.3 लाख केस मल्टी-ड्रग प्रतिरोधी टीबी रोगी हर साल भारत में उभरते हैं, जिसमें 79000 एमडीआर-टीबी मरीज शामिल हैं। भारत को शीर्ष तीन देशों में से एक होने का संदिग्ध गौरव प्राप्त है, जहां अनुमानित टीबी मामलों और रिपोर्ट किए गए मामलों के बीच का अंतर 25 प्रतिशत अधिक है। टीबी और रिपोर्ट किए गए मामलों में यह व्यापक अंतर 'जीटीएन' की आईएमए एंड टीबी रणनीति को हाइलाइट करता है, जहां जी का अर्थ है- जीन एक्सपर्ट टेस्ट (स्पुटम डायगनोसिस), टी फॉर ट्रेस (संपर्क) व ट्रीटमेंट तथा एन का अर्थ है नोटिफाई।

भारत ने टीबी से मुक्त होने के लिए 2025 की समय सीमा निर्धारित की है। हालांकि टीबी को रोकने और नियंत्रित करने के लिए एक मिलाजुला प्रयास है, जबकि टीबी के नियंत्रण में डॉक्टर प्रमुख हितधारक हैं। टीबी का नियंत्रण प्रारंभिक पहचान पर निर्भर करता है, जिसका अर्थ है टीबी को आगे फैलने से रोकने के लिए प्रारंभिक और बेहतर उपचार। ट्रेसिंग रोग के संचरण की श्रृंखला को मामलों के शुरुआती निदान के साथ-साथ समय पर और पूर्ण उपचार से बाधित करता है।

टीबी संक्रमण रोकने के लिए कुछ सुझाव :

-छींकने, खांसने या मुंह या नाक छूने के बाद अपने हाथ धोएं।

-खांसने, छींकने या हंसते समय अपने मुंह को टिश्यू से ढकें।

-प्लास्टिक के थैले में इस्तेमाल किए हुए टिश्यू रखकर सील करें और फेंक दें।

-बीमारी के दौरान कार्यस्थल या स्कूल न जाएं।

-दूसरों के साथ घनिष्ठ संपर्क से बचें।

-परिवार के सदस्यों से दूर किसी दूसरे कमरे में सोएं।

-नियमित रूप से अपने कमरे को वेंटिलेट करें। टीबी छोटी और बंद जगहों में फैलता है। बैक्टीरिया युक्त हवा को हटाने के लिए खिड़की में एग्जहॉस्ट फैन लगाएं।

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