यह चीजें खाने से होता है आपके पीरियड्स पर सीधा असर

ईश्वर ने महिला के शरीर को कुछ इस तरह बनाया है, कि इसकी अतिरिक्त देखभाल जरूरी है। हर माह आने वाले पीरियड्स न केवल महिलाओं के शरीर में से एक से दो आउंस खून ले जाते हैं, बल्कि शरीर में अन्य पोषक तत्वों की भी कमी कर जाते हैं। ऐसे में अगर आप सही आहार लेंगी तो आप इस नुकसान की भरपाई कर सकती हैं। आपको बता दें कि आप जो भी खाती हैं, जितना भी व्यायाम करती हैं, इसका सीधा असर आपके मासिक चक्र पर पड़ता है। मासिक चक्र के विभिन्न चरणों में शरीर में काफी बदलाव आते हैं। जैसे कि, पीरियड शुरू होने से पहले शरीर में प्रोजेस्टेरॉन का लेवल बढ़ जाता है, क्योंकि शरीर यूट्रिन लाइनिंग छोडऩे की तैयारी में होता है। इसी वजह से पीएमएस के लक्षण दिखाई देते हैं।

लें भरपूर नींद

पीरियड्स के दौरान शरीर में हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, ऐसे में शरीर को हर काम के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। पीरियड्स के दौरान 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है, हालांकि अगर आप आधा घंट ज्यादा सोएं तो इससे आपको मदद मिल सकती है।

कैल्शियम

कैल्शियम की जरूरत महिलाओं को ज्यादा होती है। अगर आप पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं लेती हैं, तो पीरियड्स के दौरान आपको दर्द होता है और यह हार्मोनल डिसबैलेंस का कारण भी बन सकता है।

आयरन

पीरियड्स में हर महीने शरीर से आयरन खर्च हो जाता है, ऐसे में इसे रीफिल करना बहुत जरूरी है। प्राकृतिक तरीके से आयरन की कमी पूरी करना ज्यादा फायदेमंद हैं। इसके लिए आप अपनी डायट में चने, दालें, सीफूड, पका हुआ पालक आदि शामिल कर सकती हैं।

प्रोटीन

प्रोटीन शरीर को एनर्जी देता है और पीरियड्स में एनर्जी की सख्त जरूरत होती है। महिलाओं को अपनी डायट में प्रोटीन रिच फूड आइटम्स को शामिल करना चाहिए, ताकि वे नेचुरली प्रोटीन ले सकें। इसके लिए अपनी डायट में साबुत फल, सब्जी और अनाज के साथ साथ अंडा या मछली को शामिल करना चाहिए।

हाइड्रेट रहें

पीरियड्स में शरीर में तरलता बनाए रखने के लिए पानी पीते रहना जरूरी है। दिन में कम से कम ८ गिलास पानी पीएं। इसके अलावा आप जूस और सूप को भी डायट में शामिल कर सकते हैं।

विटामिन बी6

यह डिप्रेशन दूर रखता है और रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है। इसके लिए केला, आलू और ओटमील खाया जा सकता है।

पीरियड्स में न खाएं ये सब

मीठा

रिफाइंड शुगर का सेवन पीरियड्स में न ही करें। इससे मोटापा बढ़ता है और शरीर में ब्लड शुगर लेवल भी असंतुलित हो सकता है।

कैफीन

पीरियड्स में जरूरत से ज्यादा कैफीन बेचैनी, तनाव और अनिद्रा बढ़ा सकती है। कुछ लोगों को पीरियड्स में थोड़ी मात्रा में कैफीन लेने से दर्द में राहत मिलती है।

पीरियड्स में सिगरेट पीने और एल्कोहल के सेवन से बचें। अपने आहार को संतुलित रखें।

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